अल्मोड़ा। गिरचोला गांव में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने आज एक बैठक की। जिसमें यह निर्णय लिया कि क्षेत्र के राज्य आंदोलनकारी इस बार 9 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस पर किसी भी सरकारी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। बल्कि इसके स्थान पर वह उस दिन मनिआगर में स्वयं के स्तर से कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के मामले में शासन व प्रशासन गंभीर नहीं है। शासन स्तर से जहां चिन्हीकरण, पेंशन में बढ़ोत्तरी, दी गयी सुविधाओं को ब्यवहारिक बनाए जाने, क्षैतिज आरक्षण की मांग जैसे मसलों पर कार्यवाही नहीं हो रही है, वहीं जिला स्तर से एक वर्ष बाद भी आश्रितों को पेंशन स्वीकृत नहीं की गयी है। जिनको मिल रही है उनको पेंशन का भुगतान बिलंब से किया जा रहा। पेंशन का भुगतान खातों से नहीं हो रहा है। राज्य आंदोलनकारियों को जिला, तहसील स्तर पर कभी कभी स्थापना दिवस कार्यक्रम में बुलाया तो जाता है, जो कि सिर्फ भीड़ बढ़ाने के लिए। इस दौरान उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया जाता है। इसलिए आगामी 9 नवंबर को क्षेत्र के राज्य आंदोलनकारी मनिआगर में राज्य स्थापना दिवस मनायेंगे।
बैठक में ब्रह्मानन्द डालाकोटी,दौलत सिंह बगड्वाल, गोपाल सिंह बनौला, शिवराज बनौला,पूरन सिंह, शंकर दत्त डालाकोटी, ताराराम, कैलाश राम, नंदन सिंह, सुंदर सिंह, गोविन्द राम, कृष्ण चंद्र आदि शामिल रहे।
